श्लोक (वाल्मीकि रामायण, युद्धकाण्ड, सर्ग 105, श्लोक 12)

🌸 ब्रह्माकृत अमोघ स्तुति 🌸 🔱 Shloka (Valmiki Ramayana – Yuddha Kanda, Sarga 105.12): भवान् नारायणो देवः श्रीमांश्चक्रायुधो विभुः।एकशृङ्गो वराहस्त्वं भूतभव्यसपत्नजित्॥ 🌼 Meaning in Hindi (सरल हिन्दी अर्थ): हे प्रभो राम!आप ही नारायण हैं — देवों के देव।आप लक्ष्मीपति हैं, आपके हाथ में सुदर्शन चक्र है।आप सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान हैं।आपने एकशृंग मीन रूप और वराह अवतार … Read more