राम अवतार: ज्ञान, प्रेम और समन्वय का सेतु

राम अवतार ज्ञान, प्रेम और समन्वय का सेतु है। निर्गुण निराकार एवं सगुण साकार के बीच समन्वय ही भगवान राम के अवतार का एक सर्वप्रमुख कारण है। प्रभु राम ज्ञानगम्यता और ध्यानगम्यता दोनों के पोषक हैं, जो जीवन के हर पहलू में संतुलन स्थापित करते हैं। राम का निर्गुण-निराकार स्वरूप शास्त्रों में कहा गया है: … Read more

स्कन्द पुराण का राम रहस्य दर्शन – 4: भगवान राम का आत्मस्वरूप

राम रहस्य दर्शन की हमारी यात्रा में, हमने अब तक भगवान राम के विविध स्वरूपों को समझा है – कैसे वे त्रिदेवों के मूल, विष्णु द्वारा स्तुत्य परब्रह्म और विराट रूप के प्रवर्तक हैं। इस श्रृंखला में आगे बढ़ते हुए, आइए स्कन्द पुराण के गहनतम रहस्यों में से एक का अनावरण करें, जहाँ स्वयं भगवान … Read more

स्कन्द पुराण का राम रहस्य दर्शन – 3: भगवान राम का विराट रूप और विश्वरूप

भगवान राम का विराट रूप – राम रहस्य दर्शन की यात्रा में अक्सर यह प्रश्न उठता है: क्या परात्पर भगवान राम ने भी कभी अपने विराट या विश्वरूप का प्रदर्शन किया है, जैसा कि अन्य अवतारों में देखा जाता है? स्कन्द पुराण की रामगीता में इसके स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं, जो भगवान राम के परम … Read more