प्रश्नों का व्युत्क्रम: राम से संज्ञाएँ हैं, संज्ञाओं से राम नहीं
Ram Rahasya Darshan & The Semantics of Supreme Titles सनातन दर्शन के चिंतन में प्रायः एक बहुत बड़ा भाषा-वैज्ञानिक और तात्विक भ्रम (Category Error) देखने को मिलता है। जब भी श्री राम के स्वरूप पर चर्चा होती है, तो अमूमन यह प्रश्न पूछे जाते हैं: यदि आप सूक्ष्मता से विचार करें, तो ये प्रश्न ही … Read more