राम रहस्य: रामावतार के समय राम को देखकर क्यों होता है माता सती को भ्रम और सन्देह?

माता सती की विस्मृति – सृष्टि के आदिकल्प में जब साकेतवासी प्रभु राम अवतार लेते हैं और सीताहरण के पश्चात् जब राम सीता के वियोग में विह्वल हो विलाप कर रहे होते हैं, तो उनकी मानुषी लीला को देखकर माता सती को भ्रम और सन्देह होता है। इस सन्देह के उपरांत भगवान शिव उन्हें स्पष्ट … Read more

Amogh Stuti (Brahmakrit Ramastavah): The First Direct Hymn to Parabrahman — A Milestone in the Journey of Ram Rahasya Darshan

Introduction: Amogh Stuti (Brahmakrit Ramastavah) Lord Rāma’s boundless grace and divine līlās have long drawn seekers and saints into the heart of devotion. Among the many hymns sung in His honor, one stands apart in both origin and significance—the Amogh Stuti (Brahmakrit Ramastavah): The First Direct Hymn to Parabrahman — A Milestone in the Journey … Read more

श्रीराम का तत्त्वस्वरूप संवाद – स्कन्द पुराण – निर्वाण खण्ड से

🔰 श्रीराम का तत्त्वस्वरूप संवाद – भूमिका यह संवाद स्कन्द पुराण में वर्णित उस अलौकिक क्षण का है जब भगवान श्रीराम अपनी दिव्य उपस्थिति में देवताओं, सिद्धों, पितरों, मुनियों और ब्रह्माण्ड के अन्य चेतन प्रतिनिधियों को अपना तत्त्वातीत स्वरूप प्रकट करते हैं। भगवान श्रीराम स्वयं ब्रह्म, विराट से भी परे, सोऽहम् परम दुर्धर्ष तत्त्व हैं। … Read more

राम और कृष्ण: कला का राम रहस्य

🔹 श्री राम का परम स्वरूप – कला का रहस्य और सार श्रीराम परात्पर ब्रह्म हैं, जिनकी परम सत्ता इस संपूर्ण ब्रह्मांड के परे साकेत में स्थित है। वे अपरिवर्तनीय (immutable) स्वरूप वाले ‘कूटस्थादिपुरुष’ हैं, जो ‘कलानिधि’ अर्थात् समस्त कलाओं के मूल स्रोत हैं। नारद पञ्चरात्र और श्रीमद्भागवत पुराण जैसे शास्त्र उनके इसी परम स्वरूप … Read more