परात्पर भगवान राम
परात्पर भगवान राम के स्वरूप का वर्णन, जो सगुण साकार और निर्गुण निराकार दोनों है, वेदों और पुराणों का एकमात्र ध्येय है। यह कोई साधारण देव-वंदना नहीं, बल्कि समस्त सृष्टि के अद्वितीय, अद्वैत और अखण्ड ब्रह्मतत्त्व की प्रत्यक्ष घोषणा है। 🌿 पद्मपुराण पातालखंड का उद्घोष – परात्पर भगवान राम सकस्त्वं पुरुषः साक्षात्प्रकृतेः पर ईर्यसे । … Read more