राम को क्या प्रिय है? — प्रेम की एक अनूठी यात्रा
राम को क्या प्रिय है? कबीर, तुलसी, सूरदास और निराला की दृष्टि से प्रेम की एक अद्भुत यात्रा—जहाँ राम में प्रेम मूल है, कृष्ण में प्रेम सर्वोच्च भाव है और विष्णु की कर्ममय सृष्टि में प्रेम की एक बूँद भी अमृत के समान हो जाती है।